बीजेपी सांसद सीपी ठाकुर बोले, दलितों की सिर्फ दो पीढ़ियों को मिले आरक्षण

पटना। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता और सांसद सीपी ठाकुर ने कहा है कि दलितों की सिर्फ दो पीढ़ियों को नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण दिया जाना चाहिए. इसके बाद उन्हें आरक्षण नहीं दिया जाना चाहिए. दलित आरक्षण का विरोध करते हुए उन्होंने सवर्णों को आर्थिक आधार पर आरक्षण देने की वकालत की है.

बिहार की राजधानी पटना में बीजेपी नेता ने रविवार को कहा कि सवर्णों की हालत बहुत खराब है. अगर केंद्र सरकार ने उनके लिए तत्काल कोई कदम नहीं उठाया तो देश में नई परेशानी खड़ी हो सकती है. अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में मंत्री रह चुके सीपी ठाकुर ने कहा, ‘दलित आईएएस अधिकारी के बेटे को नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण का लाभ नहीं दिया जाना चाहिए.’

बता दें कि यह कोई पहली बार नहीं है जब सीपी ठाकुर ने दलितों को आरक्षण देने का विरोध किया है. इससे पहले भी वह आरक्षण को खत्म करने के पक्ष में बयान दे चुके हैं.

इससे पहले अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति को प्रमोशन में आरक्षण से संबंधित मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कई सवाल किए थे. शीर्ष अदालत ने पूछा था कि यदि एक आदमी रिजर्व कैटिगरी से आता है और राज्य का सेक्रटरी है, तो क्या ऐसे में यह तार्किक होगा कि उसके परिजन को रिजर्वेशन के लिए बैकवर्ड माना जाए? कोर्ट ने यह सवाल भी किया कि मान लिया जाए कि एक जाति 50 सालों से पिछड़ी है और उसमें एक वर्ग क्रीमीलेयर में आ चुका है, तो ऐसी स्थितियों में क्या किया जाना चाहिए?

कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा था कि आरक्षण का पूरा सिद्धांत उन लोगों की मदद देने के लिए है, जो सामाजिक रूप से पिछड़े हैं और सक्षम नहीं हैं. ऐसे में इस पहलू पर विचार करना बेहद जरूरी है.

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