भाजपा विधायक मामले पर सरकार से नाराज हाईकोर्ट

इलाहाबाद। उन्नाव गैंगरेप मामले में भाजपा सरकार के ढुलमुल रवैये पर हाईकोर्ट ने सरकार को फटकार लगाई है. कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि आप लोग विधायक को गिरफ्तार करना चाहते हो या नहीं. असल में हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान यूपी सरकार ने अपने जवाब में कहा कि अभी उनके पास विधायक के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं हैं. कोर्ट ने सरकार के इस जवाब पर नाराजगी जताते हुए सरकार की मंशा पर सवाल उठाया.

सेंगर मामले पर आज बहस पूरी हो गई, जिसके बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है. 13 अप्रैल (शुक्रवार) को दोपहर दो बजे कोर्ट इस पर फैसला सुनाएगी. इससे पहले गुरुवार को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि 4 जून 2017 को विधायक पर रेप का आरोप लगा. SIT की रिपोर्ट पर 11 अप्रैल 2018 को FIR दर्ज की गई. कोर्ट ने कहा है कि विधायक के खिलाफ जो भी आरोप हैं वो सभी गंभीर हैं. महाधिवक्ता ने कहा है कि कानूनी प्रक्रिया के तहत पूरी कार्रवाई होगी. गुरुवार को ही उत्तर प्रदेश पुलिस के डीजीपी ओपी सिंह ने इस मामले में प्रेस कॉन्फ्रेंस की. आरोपी विधायक की गिरफ्तारी के सवाल पर यूपी के डीजीपी ओपी सिंह का कहना है कि वह अभी सिर्फ आरोपी हैं. उनकी गिरफ्तारी का फैसला सीबीआई करेगी. मीडिया को बयान देते हुए डीजीपी ने आरोपी विधायक के लिए ‘माननीय’ शब्द का इस्तेमाल भी किया, जिस पर उनकी काफी फजीहत भी हुई है.

गौर है कि उन्नाव गैंगरेप केस में आरोपी बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है. आरोपी विधायक पर उन्नाव के माखी थाने में बुधवार देर रात आईपीसी की धारा 363, 366, 376 और पॉक्सो कानून की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है. इसके साथ यूपी सरकार ने इस मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश भी कर दी है. एफआईआर दर्ज होने के बाद पीड़ित लड़की की बहन ने मीडिया से बातचीत में विधायक की गिरफ्तारी की मांग की. उसने कहा कि मेरे पिता को मारने वाले और इस साजिश को रचने वालों को फांसी होनी चाहिए. उसने सरकार पर भी भरोसा करने से इंकार कर दिया.

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