अपने साथी के साथ आई पुलिस, सुबोध के परिवार वालों को 70 लाख की मदद

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर (Bulandshahr Mob Violence) में पिछले साल 3 दिसंबर को गोकशी के शक में भड़की भीड़ की हिंसा में जान गंवाने वाले इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह के परिवार को यूपी पुलिस ने 70 लाख रुपये का दान (मदद राशि) दिया है. शुक्रवार को समाचार एजेंसी एएनआई से सीनियर पुलिस अधिकारी प्रशांत कुमार ने कहा कि योगी सरकार द्वारा दिए गये 50 लाख रुपये के मुआवजा राशि के अलावा, हमने भी खुद के बल पर 70 लाख रुपये की मदद राशि दी है.

दरअसल, पिछले साल 3 दिसंबर को बुलंदशहर के स्याना इलाके में कथित रूप से गोवंश के अवशेष मिलने के बाद हिंसा फैल गई थी. गोवंश के अवशेष मिलने के बाद पुलिस को इसकी सूचना दी गई थी, पुलिस मौके पर पहुंची तो वहां लोगों की भीड़ पहले से वहां मौजूद थी. पुलिस भीड़ को समझाने की कोशिश कर रही थी, लेकिन लोग काफी उग्र थे और उन्होंने पुलिस पर ही हमला कर दिया. हिंसा में पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या कर दी गई. वहीं गोली लगने से सुमित नाम का एक युवक भी मारा गया था.

बता दें कि बुलंदशहर हिंसा के दौरान इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह को न सिर्फ गोली मारी गई थी, बल्कि पहले कुल्हाड़ी से उनके सिर पर वार कर बुरी तरह से घायल कर दिया गया था. पुलिस ने 28 दिन बाद इस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह पर कुल्हाड़ी से हमला करने वाले कलुआ उर्फ राजीव को गिरफ्तार किया था. पुलिस के मुताबिक कलुआ ने ही सबसे पहले सुबोध कुमार सिंह पर हमला किया था. कलुआ कुल्हाड़ी से पेड़ की टहनी काट सड़क जाम कर रहा था, इंस्पेक्टर ने रोका तो उसने कुल्हाड़ी से उन पर ही हमला कर दिया.

मुख्य आरोपी कलुआ ने पहले इंस्पेक्टर की अंगुलियां काटी फिर कुल्हाड़ी से ही सिर पर कई वार कर दिए. इस हमले में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह बुरी तरह घायल हो गए. जख्मी हालत में इंस्पेक्टर जान बचाने खेतों की तरफ भागे तो प्रशांत नट ने उन्हें पकड़कर घुटनों के बल गिरा लिया. इसके बाद नट ने इंस्पेक्टर की ही लाइसेंसी रिवॉल्वर छीनकर उन्हें गोली मार दी.

बाद में प्रशांत नट ने अपने साथियों के साथ मिलकर इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह के शव को उनकी ही सरकारी गाड़ी में डाल कर जलाने की कोशिश की. प्रशांत नट को पिछले सप्ताह गिरफ्तार किया गया था. प्रशांत ने पुलिस के सामने अपना गुनाह भी क़ुबूल कर लिया. पुलिस ने कलुआ के पास वह कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली है. बता दें कि हिंसा का मुख्य आरोपी बजरंग दल का योगेश राज भी अब पुलिस की गिरफ्त में है.

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